भगवान् राम भगवान् विष्णु के सातवें अवतार हैं

राम नाम रघु राजवंश के गुरु महर्षि वशिष्ठ ने दिया था

वनवास जाते समय भगवान् राम की आयु 27 वर्ष थी.

रामसेतु का निर्माण करने में सिर्फ 5 दिन लगे थे

रामजी के धनुष का नाम कोदंड था

भगवान् विष्णु के 1000  नामों में राम नाम 394 नम्बर पर दर्ज है

जिस जंगल में भगवान् राम, सीता मैया और लक्षमण जी ने वनवास काटा था उस जंगल का नाम दंडकारण्य था

सीता जी के स्वयंवर में राम जी ने शिव जी के जिस धनुष को तोड़ा था उसका नाम पिनाक था