Sunderkand In Hindi PDF | सुन्दरकाण्ड (2022)

Sunderkand In Hindi PDF

Sunderkand PDF In Hindi गोसवामी श्री तुलसीदास द्वारा लिखी गई रामचरितमानस में साथ अध्याय है। सुन्दरकाण्ड इस में से एक है। यह इन सभी में से पाचवा अध्याय माना है। वैसे तो रामचरितमानस के सभी अध्याय भगवान की भक्ति के लिए लिख गया है। किन्तु  सुन्दरकाण्ड का महत्व सब से अधिक माना गया है। माना गया है कि सुन्दरकाण्ड के पाठ करने वाले भक्त की हनुमानजी असीम बल प्रदान करते है। sunderkand in hindi pdf (Geeta Press) उस के आस पास कोई भी नकारत्मक शक्ति भटक नहीं सकती है। यह भी मान्यता है कि किसी भी भक्त का आत्मवश्वास काम हो जाए या उसके जीवन में कोई भी कष्ट आए तो यह पाठ जरूर करना चाहिए इससे जीवन के सारे कष्ट दूर होते है।

सुन्दरकाण्ड में गोस्वामी तुलसीदासजी ने प्रभु श्री राम के परम प्रिय भक्त हनुमानजी की लीलाओं का विशद् वर्णन किया है। इस अध्याय में प्रस्तुत की गई अद्भुत और मनोहारी लीलाओं के कारण ही तुलसीदास ने इसे ‘सुन्दरकाण्ड’ का नाम दिया। यदि कोई राम चरित मानस का पाठ न कर पाए तो यह पाठ कर ना आवश्यक माना गया है। हमारे शास्त्रों और वेद पुराणों के आनुसार हनुमान जी की मृत्यु नहीं हुई थी। और वह आज भी जिंदा है। और शायद यही कारण है जिससे दूसरे भगवानों से ज्यादा हनुमान जी को पूजा जाता है। हनुमान चालिसा एवं हनुमान पूजन को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

सुन्दरकाण्ड पाठ क्या है? | Sunderkand Kya Hai

सुन्दरकाण्ड के पाठ से सभी कष्टों का निवारण होता है। इस सुन्दरकाण्ड के पाठ से भगवान हनुमान जी बहुत ही जल्दी प्रसन्न हो जाते है। माना गया है कि सुन्दरकाण्ड के पाठ करने वाले भक्त की हनुमानजी असीम बल प्रदान करते है। यह पर केवल शास्त्रीय मान्यताओं ने है नहीं बल्कि विज्ञान ने भी सुन्दरकाण्ड के पाठ को समझाया है।

सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान की कृपा बनी रहती है। सिर्फ हनुमान ही नहीं भगवान राम की भी कृपा बनी रहती है। यदि आप दोनों भगवान की कृपा पाना चाहते हैं तो सुंदरकांड का पाठ करें।विभिन्न मनोव्यग्यानिको के अनुसार सुन्दरकाण्ड के पाठ से मनुष्य में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। इस पाठ की हर एक एक पांगती और अर्थ भक्ति के जीवन में कभी ना हर मानने की सीख देता है। इसमें याह भी मान्यता है कि किसी भी विद्यार्थी की परीक्षा हो इस का पाठ करना चाहिए। यह पाठ उनके भीतर आत्मविश्वास बड़ाएंगा और उनको सकारत्मक ऊर्जा प्रदान करेगा।

Sunderkand In Hindi PDF Download |सुन्दरकाण्ड पीडीऍफ़

सुंदरकांड का पाठ करने से गृह क्लेश से छुटकारा मिलता है। इसका पाठ करने से सकारात्मक शक्ति घऱ में आती है। जिससे घऱ में पैदा होने वाली नकारात्मक शक्तियों को से छुटकारा मिलता है। सुंदरकांड का पाठ करने से अशुभ ग्रहों की स्थिति को शुभ बनाया जा सकता है। इसलिए नियमित सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।ऐसा माना जाता है कि सुंदरकांड का पाठ करने से घर में माहौल सकारात्मक और प्रेम पूर्वक रहता है। यदि सुंदरकांड का पाठ घऱ के ही किसी सदस्य द्वारा किया जाता है तो और भी अधिक फायदेमंद होता है।

सुंदर कांड इन हिंदी PDF Geeta Press

इस पाठ के हर एक पांगती में जीवन के महत्व पूर्ण सूत्रों के बारे में बताया गया है। यह सूत्र अगर कोई अपने जीवन में अमल करले तो उस व्यक्ति को जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। माना जाता है कि अगर पूरी राम कारण मानस आप नहीं पढ़ सकते तो आप को सुन्दरकाण्ड का पाठ अवश्य जरूर करना चाहिए। यह ठीक उसी समय है जब उन्होंने रामायण में माता सीता की खोज करने के लिए अपनी यात्रा शुरू करने का फैसला किया, जिन्हें रावण ने अपहरण कर लिया था।

यह पाठ की यह मान्यता है कि जब भी घर पर रामायण पाठ रखा जाता है तो सुन्दरकाणड का पाठ घर के किसी सदस्य के हाथो से ही होना चाहिए या फिर करवाना चाहिए इससे घर में सुख शांति का आवास होता है। जोतिषियो के हिसाब से माना जाए तो यह पाठ करने से घर के सभी सदस्यों पे मंडराए नकारत्मक शक्तियों से हमें बचाता है।

संपूर्ण सुंदरकांड पाठ हिंदी में

सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस का वह खंड है जो कठिनतम परिस्थितियों में डूबते व्यक्ति को भी तिनके का सहारा बनकर उबार लेता है। वह दुर्गम और दुरूह परिस्थितियों से संघर्ष करने की ताकत प्रदान करता है और विश्वास दिलाता है कि जिस तरह पवनपुत्र हनुमान को याद दिलाने पर ध्यान आता है कि वे तो अतुलित बलधामा हैं, उसी प्रकार हर व्यक्ति के पास अदम्य साहस और असीम ताकत है। जरूरत है कि हम इस शक्ति को पहचानें और किसी तरह का समझौता किए बिना प्रतिकूल परिस्थितियों से लोहा लेने के लिए तैयार रहें।

यह पाठ अशुभ ग्रहों का दोष दूर करने में भी लाभ करी है यह पाठ । इसीलिए इस पाठ का हमें एक बार तो इस पाठ करना चाहिए है।

महिलाओं को सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए या नहीं?

महिलाओं को सुंदरकांड का पाठ जरूर करना चाहिए।

सुंदरकांड के वक्त कौन से रंग के कपड़े पहने चाहिए?

भगवा वस्त्र धारण करना चाहिए।

सुंदरकांड और हनुमान चालीसा में क्या अंतर है?

सुन्दरकांड़ में हनुमान जी के सम्पूर्ण जीवन का वर्णन है अपितु हनुमान चालीसा में उनके पराक्रम, चातुर्य और शौर्य का वर्णन किया गया है।

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