Dhammapada Hindi PDF Download | धम्मपद (2022)

Dhammapada Hindi PDF Download | धम्मपद बौद्ध धर्म का प्रतिनिधि ग्रंथ है। जिस प्रकार से हर एक धर्म का हर एक ग्रंथ बहुत प्रसिद्ध है जैसे वेद, पुराण आदि। उस ही प्रकार से यद्यपि बौद्धों के पास 31 ग्रंथो त्रिपिटक के रूप में हमारे पास मौजूद है। मगर जितनी ख्याति, जितनी स्वीकार्यता,जितनी मान्यता धम्मपद ने प्राप्त की वह अभी तक किसी भी ग्रंथो ने प्राप्त नहीं की । यद्यपि ये स्वतंत्र ग्रंथ नहीं है। धम्मपद के विभिन्न ग्रंथो से चुने हुए चुनिंदा उपदेशों का संग्रह है।

धम्मपद इस शब्द का अर्थ बनता है। धर्म का पद। धर्म के त्रिपिटक में 26 अर्थ आए है अलग अलग जगह पर। डाॅ.संसेग सिंग जी जो की प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान है। जिन्होंने 40 वर्षों तक बौद्ध विद्या दिल्ली के विश्व विद्यालय में पढ़ाई। इन्होंने प्रसिद्ध धम्मपद ‘ धम्मपद का खजाना ‘ में अपना महत्व पुराण योग दान दिया।

उनका यह मानना था कि धम्मपद की 26 परिभाषाये त्रिपिटिक में मुआजुद है। और इन में से सब से अधिक प्रचलित है। की धम्म का अर्थ है बद्ध की उदारत वाणी, यानीकी उनकी देष्णाए, उनके उपदेश,उनकी शिक्षाएं और उनके उदर्त गुण है।

Dhammapada Book PDF In Hindi | धम्मपद

इस में 423 गाथाएं है।(गताए मतलब जिससे गया का सके)। मगर एक धम्मपद और है जिस का वर्णन बाबा साहेब ने भी जगह जगह कीया है। वह धम्मपद चीन का है। जिस में 40 भाग है और 750 के लग भाग मनी गई है।

वह धम्मपद भारत को मिल गया है। यह धम्मपद को पहले हिंदी और अंग्रेजी में लाया जाएगा। इस पद की एक खास विशषता ये है कि यह संसार कि सबसे ज्यादा भाषा में इसका आनुवाद हुआ है। बौद्ध का धम्मप ही है जो सब से आधी भाषा में संग्रहीत है। धम्मपद का संसार में सबसे ज्यादा बार पुनर्मुद्रं हुआ है।

चीन के भिक्कुओ में जो ग्रंथ छापा था। और पुरस्तका आकार में प्रस्तुत किया था। वह धम्मपद ही था । जिस दिन यह धम्मपद सार्वजनिक किया गया था उस दिन पूर्णिमा का दिन था। उस दिन फालगुं की पूर्णिमा थी। इसीलिए बौद्ध धर्म में फलगुं की पूर्णिमा के दिन दिल्ली के विहरो में फलगुं मोहोस्व का आयोजन किया जाता है।

वहा पर अनापान भी होता है और विद्वान भीक्कुओ का प्रवचन भी होते है, बच्चो और महिलाओं के कुछ खेल का आयोजन भी किया जाता है। वहीं पर विशाल भोज का आयोजन भी किया जाता है। बुद्ध वचनों में जो सब से ज्यादा खरा उत्रा है वह धम्मपद है।

धम्मपद कुछ ऐसे ही प्रसिद्ध नहीं हुआ है। धम्मपद के प्रसिद्ध होने में बौद्ध की महांता भी सम्मिलित है। बौद्ध धर्म श्रीलंका में सम्राट अशोका के पुत्र पुत्रियों द्वारा लेजाया गया था। एक विशेष बात यह है कि। मिस्र Egypt के एक सहर में खुदाई के दौरान धम्मपद के धातु के पात्र प्राप्त हुए है। उन पत्रों पर धम्मपद की गाथाएं खुदी हुई है।

यह की भी ग्रंथ के लिए विशेष बात है। धम्मपद ( श्रीलंका,भारत,चीन,भूटान, म्यांमार, कंबोडिया, जापान, हांगकांग, तिब्बत, लाओस, मकाऊ,मंगोलिया, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, कलमीकिया, वियतनाम उत्तर कोरिया, नेपाल, दक्षिण कोरिया आदि) देशों में पढ़ा जाता है।

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धम्मपद के वग्ग (वर्ग)

  1. यमक वग्ग
  2. अप्पमाद वग्ग
  3. चित्त वग्ग
  4. वग्ग
  5. बाल वग्ग
  6. पण्डित वग्ग
  7. अरहन्त वग्ग
  8. सहस्स वग्ग
  9. पाप वग्ग
  10. दण्ड वग्ग
  11. जरा वग्ग
  12. अत्थ वग्ग
  13. लोक वग्ग
  14. बुद्ध वग्ग
  15. सुख वग्ग
  16. पिय वग्ग
  17. कोध वग्ग
  18. मल वग्ग
  19. धम्मत्थ वग्ग
  20. माग्ग वग्ग
  21. पकीर्णक वग्ग
  22. निरय वग्ग
  23. नाग वग्ग
  24. तन्हा वग्ग
  25. भिक्खु वग्ग
  26. ब्राह्मण वग्ग
धम्मपद कौन कौन से देशों में पढा जाता है?

श्रीलंका,भारत,चीन,भूटान, म्यांमार, कंबोडिया, जापान, हांगकांग, तिब्बत, लाओस, मकाऊ,मंगोलिया, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, कलमीकिया, वियतनाम उत्तर कोरिया, नेपाल, दक्षिण कोरिया आदि देशों में पढा जाता है।

धम्मपद का अर्थ?

धम्मपद इस शब्द का अर्थ बनता है। धर्म का पद। धर्म के त्रिपिटिक में 26 अर्थ आए है अलग अलग जगह पर।

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