Bhavishya Puran PDF in Hindi | भविष्य पुराण PDF गीता प्रेस

bhavishya puran sanskrit hindi pdf

Bhavishya Puran in hindi pdf | भविष्य पुराण 18 पुराणों में से एक है। जो भविष्य में होने वाली घटना कब वर्णन करता है। इस पुराण के रचियता महर्षि वेदव्यास द्वारा की गई है। भविष्य पुराण में कई सारे बातो का वर्वन हुआ है और हमारे हर प्रश्न का उत्तर मिला है।भविष्य पुराणों में ऐसी कई सारी बाते लिखी है जिसे जन कर रोंगटे खड़े हो जाते है। इस पुराण में 214 अध्याय में है।भविष्य पुराण के अनुसार इस पुराण में 50 हजार श्लोक होने चाहिए किन्तु इसमें 28 हजार ही श्लोक मौजुद है। bhavishya puran in hindi pdf free download

PDF का नामभविष्य पुराण हिन्दी pdf
लेखक महर्षि वेदव्यासजी
भाषाहिन्दी और संस्कृति
pdf size10 MB
श्रृंखलापुराण
विषयइतिहास व भविष्य का ज्ञान
देश भारत
पेज 448

भविष्य पुराण और भविष्य उतल पुराण दोनों के श्लोकों की संख्या मिला कर ये सम्पूर्ण पुराण बना है। भविष्य पुराण एक सूर्य प्रदान ग्रंथ है। इसके अधिस्त्रत देव सूर्य देव है। इस पुराण के अनुसार सूर्य देव को सुबह दोपहर शाम को जल चड़ाना चाहिए। ज्यादातर पुराणों में शिव विष्णु और भ्रह्म के बारे में बताया गया है। किन्तु इस पुराण में सूर्य देव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। भविष्य पुराण PDF Free Download

Bhavishya Puran In Hindi PDF

इसमें सूर्यनारायण को जगत का पालन करने वाले,जगत के विनाश करने वाले ,जगत का संहार करने वाले पूर्ण ब्रह्म बताया गया है। इसमें भगवान सूर्य के स्वरूप,उनकी महिमा,उनकी पूजा विधि,सूर्य नम्कार,आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है भविष्य पुराण 4 पर्व में विभाजित है(ब्रह्म पर्व, मध्यम पर्व, प्रतिसर्ग पर्व तथा उत्तर पर्व) यह सभी भविष्य पुराण  में 4 पर्व है।

ब्रह्म पर्व इसमें कुल २१५ अध्याय हैं। भविष्य की घटनाओं से संबंधित इस पन्द्रह सहस्र श्लोकों के महापुराण में धर्म, आचार, सूर्यपूजा, स्त्री प्रकरण आदि है। मध्यमपर्व में समस्त कर्मकाण्ड का निरूपण है। इसमें वर्णित व्रत और दान से सम्बद्ध विषय भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं। प्रतिसर्गपर्व के तृतीय तथा चतुर्थ खण्ड में इतिहास की महत्त्वपूर्ण सामग्री विद्यमान है। उत्तर पर्व में भगवान विष्णु की माया से नारद जी के मोहित होने का वर्णन है। bhavishya puran sanskrit hindi pdf

भविष्य पुराण PDF गीता प्रेस गोरखपुर

भविष्यपुराण में साफ बताया गया है कि कलयुग में पैसा ही सबका बाप होगा। पैसे की चाहत इतनी मनुष्य को हो जाएगी कि वह पैसे के लिए किसी की जान तक ले लिया करेगा।ब्रह्मा जी ने कहा-हे नारद! भयंकर कलियुग के आने पर मनुष्य का आचरण दुष्ट हो जाएगा और योगी भी दुष्ट चित्त वाले होंगे। संसार में परस्पर विरोध फैल जाएगा। द्विज (ब्राह्मण) दुष्ट कर्म करने वाले होंगे और विशेषकर राजाओं में चरित्रहीनता आ जाएगी।

देश-देश और गांव-गांव में कष्ट बढ़ जाएंगे। साधू लोग दुःखी होंगे।अपने धर्म को छोड़कर लोग दूसरे धर्म का आश्रय लेंगे। देवताओं का देवत्व भी नष्ट हो जाएगा और उनका आशीर्वाद भी नहीं रहेगा। Bhavishya Purana in hindi pdf मनुष्यों की बुद्धि धर्म से विपरीत हो जाएगी और पृथ्वी पर मलेच्छों के राज्य का विस्तार हो जाएगा। मलेच्छ का अर्थ होता है दुष्ट, नीच और अनार्य।भविष्य पुराणों में ऐसी कई सारी बाते लिखी है जिसे जन कर रोंगटे खड़े हो जाते है।

FAQ’s

भविष्य पुराण क्या है?

भविष्य पुराण 18 पुराणों में से एक है। जो भविष्य में होने वाली घटना कब वर्णन करता है। इस पुराण के रचियता महर्षि वेदव्यास द्वारा की गई है। भविष्य पुराण में हमारे हर प्रश्न का उत्तर मिला है। भविष्य पुराण और भविष्य उतल पुराण दोनों के श्लोकों की संख्या मिला कर ये सम्पूर्ण पुराण बना है। भविष्य पुराण एक सूर्य प्रदान ग्रंथ है।

भविष्य पुराण की सच्चाई क्या है?

भविष्य पुराण में कई सारे बातो का वर्वन हुआ है और हमारे हर प्रश्न का उत्तर मिला है।भविष्य पुराणों में ऐसी कई सारी बाते लिखी है जिसे जन कर रोंगटे खड़े हो जाते है। यही भविष्य पुराण की सच्चाई है।

भविष्य पुराण की रचना कब हुई थी?

भविष्य पुराण जिसमें भविष्य में होने वाली घटना कब वर्णन करता है। इस पुराण के रचियता महर्षि वेदव्यास द्वारा की गई है। इस पुराण की रचना करीब करीब पांच हजार साल पहले की गई थी।

भविष्य पुराण की रचना किसने की है?

भविष्य पुराण की रचना महर्षि वेदव्यास द्वारा पांच हजार साल पूर्व पहले की गई थी।

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